PM Kisan Samman Nidhi Installment Date:भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां किसान देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव माने जाते हैं। किसानों की आय को सहारा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज करोड़ों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण बन चुकी है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह राशि भले ही सीमित हो, लेकिन समय पर मिलने से खेती से जुड़े कई जरूरी खर्च पूरे करने में मदद मिलती है। अब वर्ष 2026 में किसानों को 22वीं किस्त का इंतजार है।
22वीं किस्त कब जारी हो सकती है
योजना के नियम के अनुसार हर चार महीने में एक किस्त जारी की जाती है। इसी क्रम में उम्मीद की जा रही है कि 22वीं किस्त फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च 2026 की शुरुआत में जारी की जा सकती है। आधिकारिक तारीख की घोषणा संबंधित मंत्रालय द्वारा की जाएगी, लेकिन पिछली किस्तों के आधार पर इसी समय के आसपास 2,000 रुपये की राशि किसानों के खातों में आने की संभावना है। भुगतान प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होती है और पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है।
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देना है। खेती कई बार मौसम और बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है। ऐसे में साल में तीन बार मिलने वाली तय राशि किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों के लिए मदद देती है। कुछ किसान इस राशि का उपयोग घरेलू खर्चों के लिए भी करते हैं। सीधे बैंक खाते में पैसा आने से कटौती या देरी की संभावना कम हो जाती है, जिससे किसानों का भरोसा बढ़ा है।
किस्त पाने के लिए जरूरी शर्तें
हर पंजीकृत किसान को किस्त स्वतः नहीं मिलती। इसके लिए कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होती हैं। सबसे महत्वपूर्ण है ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होना। सरकार ने इसे अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा भूमि रिकॉर्ड सही और अद्यतन होना चाहिए। यदि पोर्टल पर दर्ज जानकारी सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, तो भुगतान रुक सकता है। आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना भी जरूरी है, क्योंकि भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के माध्यम से किया जाता है। छोटी सी गलती, जैसे नाम की स्पेलिंग या खाता संख्या में त्रुटि, भी किस्त अटकने का कारण बन सकती है।
किन राज्यों में अधिक लाभार्थी
देश के लगभग सभी राज्यों में यह योजना लागू है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लाभार्थियों की संख्या अधिक है। इन राज्यों में कृषि पर निर्भर आबादी बड़ी है, इसलिए योजना का प्रभाव भी व्यापक है। अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
किस्त न मिलने के सामान्य कारण
कई बार किसानों को शिकायत रहती है कि उन्हें किस्त नहीं मिली। इसके पीछे ई-केवाईसी अधूरी होना, बैंक खाते का निष्क्रिय होना, आधार लिंक न होना या भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसे कारण हो सकते हैं। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर अपनी जानकारी की जांच करें और आवश्यक सुधार कराएं।
ऑनलाइन स्टेटस कैसे देखें
अब किस्त की स्थिति जानने के लिए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। किसान आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने आधार नंबर, पंजीकरण संख्या या मोबाइल नंबर के माध्यम से लाभार्थी स्थिति देख सकते हैं। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि भुगतान प्रक्रिया किस चरण में है। डिजिटल सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को भी बड़ी सहूलियत मिली है।
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त किसानों के लिए राहत और उम्मीद लेकर आ सकती है। यदि सभी जरूरी शर्तें पूरी हैं, तो निर्धारित समय में 2,000 रुपये सीधे बैंक खाते में पहुंच जाएंगे। किसानों को चाहिए कि वे अपने दस्तावेज सही रखें और समय-समय पर स्थिति की जांच करते रहें, ताकि किसी प्रकार की बाधा न आए।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किस्त जारी होने की तारीख और नियम संबंधित सरकारी घोषणा पर निर्भर करते हैं। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल या संबंधित विभाग से पुष्टि अवश्य करें।









