Train Ticket Timing Changed:भारतीय रेलवे ने हाल ही में ट्रेन टिकट बुकिंग प्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो यात्रियों के लिए राहत और सुविधा दोनों लेकर आएंगे। यह बदलाव मुख्य रूप से उन यात्रियों को ध्यान में रखकर किए गए हैं जो पहले से यात्रा की योजना बनाते हैं और टिकट रिजर्वेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता महसूस होती थी। इन नए नियमों के तहत एडवांस बुकिंग अवधि को घटाया गया है, Tatkal टिकट बुकिंग में बदलाव किए गए हैं और वेटिंग लिस्ट पर सख्त नीति लागू की गई है।
एडवांस रिजर्वेशन अवधि में बदलाव
पहले यात्री 120 दिन पहले तक ट्रेन टिकट आरक्षित कर सकते थे। इससे कई बार टिकट कालाबाजारी, फर्जी बुकिंग और कैंसिलेशन की समस्याएँ उत्पन्न होती थीं। अब रेलवे ने एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया है। इस नियम का उद्देश्य यही है कि टिकट केवल वास्तविक यात्रियों द्वारा बुक किए जाएँ और सीटों का अधिक संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो। नए नियम के तहत अब त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों को समय पर टिकट बुक करना और अधिक जरूरी हो गया है।
Tatkal टिकट प्रणाली में सुधार
Tatkal टिकट बुकिंग में भी नए नियम लागू किए गए हैं। जुलाई 2025 से Tatkal टिकट बुक करते समय आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य कर दिए गए हैं। OTP वेरिफिकेशन के बिना टिकट बुक नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, Tatkal बुकिंग खुलने के पहले 30 मिनट तक केवल आम यात्री ही टिकट बुक कर पाएंगे, एजेंटों के लिए आरक्षण पर रोक होगी। इससे फर्जी बुकिंग और दलालों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जाएगा और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक टिकट बुकिंग का अवसर मिलेगा।
वेटिंग टिकट और रिजर्व कोच पर नई नीति
नई व्यवस्था के अनुसार वेटिंग टिकट धारक स्लीपर या AC कोच में यात्रा नहीं कर सकते। यदि कोई यात्री ऐसा करता पाया जाता है, तो ट्रेन में TTE कार्रवाई कर सकते हैं। इसका उद्देश्य कन्फर्म टिकट धारकों को यात्रा के दौरान अधिक सुविधा और सुरक्षा प्रदान करना है। इसके अलावा, रिजर्वेशन चार्ट अब ट्रेन के प्रस्थान से लगभग 8 घंटे पहले तैयार किया जाएगा, जिससे यात्रियों को समय रहते अपनी यात्रा की योजना बनाने का अवसर मिलेगा।
किराए में मामूली वृद्धि और विशेष यात्रियों की सुविधा
कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों में प्रति किलोमीटर 1 से 2 पैसे तक किराए में मामूली बढ़ोतरी की गई है। रेलवे का कहना है कि इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग कोच मेंटेनेंस, सफाई और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में किया जाएगा। साथ ही सीनियर सिटीजन, गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद यात्रियों के लिए लोअर बर्थ प्राथमिकता को मजबूत किया गया है, जिससे यात्रा का अनुभव और आरामदायक होगा।
यात्रियों को मिलने वाले फायदे
इन बदलावों से टिकट की कालाबाजारी और अनावश्यक कैंसिलेशन पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। कम ARP अवधि के कारण टिकट केवल वास्तविक यात्रियों द्वारा बुक होंगे, जिससे वेटिंग लिस्ट छोटी होगी और कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। Tatkal प्रणाली की सुरक्षा बढ़ने से बॉट और फर्जी आईडी का उपयोग कम होगा।
यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
नए नियम केवल 1 नवंबर 2024 के बाद की गई बुकिंग पर लागू होंगे। इससे पहले बुक किए गए टिकट पूरी तरह वैध रहेंगे। कुछ छोटी दूरी की ट्रेनों और विदेशी पर्यटक कोटा में पहले की तरह विशेष प्रावधान जारी रह सकते हैं। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर ताजा नियमों की पुष्टि करें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। रेलवे नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। टिकट बुकिंग या यात्रा से पहले आधिकारिक स्रोत से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करना आवश्यक है।









