रजिस्ट्री नहीं कराई तो क्या जमीन चली जाएगी? कानून क्या कहता है | Property Registration India

By Smriti Agarwal

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Property Registration India:भारत में जमीन खरीदना अक्सर जीवन का सबसे बड़ा निवेश माना जाता है। लेकिन कई लोग केवल एग्रीमेंट या स्टाम्प पेपर पर सौदा कर लेते हैं और रजिस्ट्री नहीं कराते। इस स्थिति में बड़ा सवाल उठता है कि क्या रजिस्ट्री न होने पर जमीन पर आपका अधिकार सुरक्षित रहेगा। आइए सरल भाषा में समझते हैं कि कानून इस मामले में क्या कहता है।

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रजिस्ट्री क्यों अनिवार्य है

“Registration Act, 1908” के अनुसार, 100 रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति की बिक्री के लिए रजिस्टर्ड दस्तावेज अनिवार्य हैं। बिना रजिस्ट्री के केवल एग्रीमेंट टू सेल से मालिकाना हक पूरी तरह ट्रांसफर नहीं होता। रजिस्ट्री के बाद ही खरीदार का नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होता है और कानूनी तौर पर वह संपत्ति का मालिक माना जाता है।

एग्रीमेंट टू सेल से क्या अधिकार मिलता है

एग्रीमेंट टू सेल एक प्रारंभिक समझौता होता है, जो यह साबित करता है कि दोनों पक्षों के बीच सौदा हुआ है। हालांकि, यह दस्तावेज पूर्ण स्वामित्व नहीं देता। यदि भविष्य में विवाद होता है तो बिना रजिस्ट्री किए हुए सेल डीड के आधार पर मालिकाना हक साबित करना कठिन हो सकता है।

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कब्जा होना पर्याप्त नहीं

कुछ लोग सोचते हैं कि अगर जमीन पर कब्जा है तो वे मालिक बन गए। लेकिन कानून के अनुसार केवल कब्जा पर्याप्त नहीं है। लंबे समय तक शांतिपूर्ण और निरंतर कब्जे की स्थिति में “Adverse Possession” का सिद्धांत लागू हो सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया जटिल और विवादित होती है।

बिना रजिस्ट्री क्या जोखिम हैं

यदि आपने रजिस्ट्री नहीं कराई और विक्रेता ने वही जमीन किसी अन्य व्यक्ति को रजिस्टर्ड कर दी, तो कानूनी रूप से दूसरा खरीदार मजबूत स्थिति में होगा। ऐसे में आपकी स्थिति कमजोर हो सकती है। यही कारण है कि बिना रजिस्ट्री जमीन खरीदना जोखिम भरा माना जाता है।

क्या करना चाहिए

जमीन खरीदते समय हमेशा रजिस्टर्ड सेल डीड कराएं। स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करके दस्तावेज कानूनी रूप से पक्का करें। इसके अलावा म्यूटेशन और नामांतरण की प्रक्रिया भी पूरी करना जरूरी है ताकि आपकी मालिकाना हक सुरक्षित रहे।

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रजिस्ट्री के बिना जमीन पर पूरा कानूनी अधिकार नहीं मिलता। सिर्फ एग्रीमेंट या कब्जे के आधार पर मालिकाना हक सुरक्षित नहीं होता। इसलिए संपत्ति खरीदते समय सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करना बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य कानूनी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी विशेष मामले में उचित सलाह के लिए योग्य वकील या कानूनी विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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