Board Exam New Rules:देश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। हर वर्ष लाखों विद्यार्थी इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और बेहतर परिणाम के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। हाल ही में शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में कुछ अहम बदलाव करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। इन नए नियमों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, न्यायपूर्ण और छात्र केंद्रित बनाना है।
रटने की बजाय समझ पर जोर
नई गाइडलाइन के तहत प्रश्नपत्रों का स्वरूप बदला गया है। अब केवल याद किए हुए उत्तर लिखने से काम नहीं चलेगा, बल्कि विषय की गहरी समझ और तार्किक सोच को महत्व दिया जाएगा। प्रश्नों में केस स्टडी और विश्लेषण आधारित सवाल शामिल किए जाएंगे, जिससे छात्र वास्तविक जीवन में ज्ञान का उपयोग करना सीखें। इससे शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और विद्यार्थियों की सोचने की क्षमता विकसित होगी।
75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी कर दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र पूरे वर्ष नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लें। हालांकि गंभीर बीमारी या विशेष परिस्थितियों में आवश्यक दस्तावेज देने पर छूट भी दी जा सकती है। इस नियम से अनुशासन बढ़ेगा और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार होगा।
आंतरिक मूल्यांकन को मिला महत्व
अब केवल अंतिम परीक्षा पर ही पूरा परिणाम निर्भर नहीं रहेगा। कुल अंकों का एक हिस्सा प्रोजेक्ट, प्रैक्टिकल और कक्षा में प्रदर्शन के आधार पर तय किया जाएगा। इससे पूरे साल मेहनत करने वाले छात्रों को उचित लाभ मिलेगा। यदि कोई विद्यार्थी परीक्षा के दिन तनाव या स्वास्थ्य कारणों से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता, तो भी उसकी सालभर की मेहनत को महत्व दिया जाएगा।
नकल पर सख्ती और पारदर्शिता
नई व्यवस्था में परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। डिजिटल मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित जांच से गलतियों की संभावना कम होगी। पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया भी स्पष्ट और समयबद्ध होगी, जिससे छात्रों का भरोसा बढ़ेगा।
मानसिक स्वास्थ्य और विशेष सुविधाएं
बोर्ड ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी है। स्कूलों में काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, ताकि छात्र तनाव और दबाव से मुक्त रह सकें। दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे शिक्षा सभी के लिए सुलभ बने।
नई गाइडलाइन से परीक्षा प्रणाली अधिक संतुलित और छात्र हितैषी बनेगी। अब छात्रों को पूरे वर्ष नियमित पढ़ाई, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। यह बदलाव केवल परीक्षा में सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। परीक्षा से संबंधित अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या स्कूल प्रशासन से पुष्टि अवश्य करें।









