Solar Pump Subsidy Update 2026:खेती में अच्छी पैदावार के लिए समय पर सिंचाई बेहद जरूरी होती है। डीजल और बिजली की बढ़ती लागत के कारण किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इसी समस्या को कम करने के लिए सरकार ने सोलर पंप पर सब्सिडी को लेकर नई पहल की है। वर्ष 2026 में अपडेट किए गए प्रावधानों के अनुसार छोटे और सीमांत किसानों को सोलर पंप की खरीद पर 80 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। इससे किसानों को कम लागत में आधुनिक सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
कुसुम योजना का उद्देश्य
सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए कुसुम योजना चलाई जा रही है। इस योजना का मकसद किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और डीजल पर निर्भरता कम करना है। सोलर पंप के उपयोग से किसान दिन के समय बिना रुकावट अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं। इससे बिजली कटौती या ईंधन की कमी जैसी परेशानियों से राहत मिलती है। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है क्योंकि सौर ऊर्जा स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोत है।
नई सब्सिडी व्यवस्था से क्या फायदा
नई व्यवस्था के तहत छोटे और सीमांत किसानों को कुल लागत का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही देना होगा, जबकि शेष राशि सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में दी जाएगी। बड़े किसानों के लिए भी लगभग 70 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान है। अनुदान की राशि सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है। कम शुरुआती निवेश के कारण अब अधिक किसान सोलर पंप लगवाने के लिए आगे आ सकते हैं।
लागत और क्षमता का चयन
योजना के अंतर्गत अलग-अलग क्षमता के सोलर पंप उपलब्ध हैं। किसान अपनी जरूरत और भूमि के आकार के अनुसार पंप का चयन कर सकते हैं। सब्सिडी मिलने के बाद उच्च क्षमता वाले पंप भी पहले की तुलना में सस्ते पड़ते हैं। इससे सिंचाई की निरंतरता बनी रहती है और सूखे की स्थिति में भी फसल सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता
योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। किसान अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भूमि से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी देनी होती है। आवेदक के पास वैध भूमि रिकॉर्ड और खेत में जल स्रोत होना जरूरी है। चयन प्रक्रिया सामान्यतः आवेदन की क्रम संख्या के आधार पर होती है।
सोलर पंप सब्सिडी योजना किसानों के लिए आर्थिक और तकनीकी दोनों दृष्टि से लाभकारी है। कम लागत में सिंचाई सुविधा मिलने से उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है और आय में सुधार हो सकता है। यह पहल टिकाऊ और आधुनिक कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना से संबंधित सब्सिडी दर, पात्रता शर्तें और आवेदन प्रक्रिया राज्य या सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बदल सकती हैं। सटीक और अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें।









